जम्मू विश्वविद्यालय NON CBCS हिंदी द्वितीय सेमेस्टर पिछले वर्ष के प्रश्न पत्र
जम्मू विश्वविद्यालय के NON CBCS प्रणाली के अंतर्गत हिंदी द्वितीय सेमेस्टर में हिंदी साहित्य, भाषा विज्ञान, काव्य शास्त्र और गद्य साहित्य का व्यापक अध्ययन कराया जाता है। इस सेमेस्टर में हिंदी भाषा की विकास यात्रा, साहित्य के विभिन्न युगों और हिंदी की विविध विधाओं पर विशेष ध्यान दिया जाता है।
खण्ड क में 10 लघु उत्तरीय प्रश्न (प्रत्येक 1 अंक) होते हैं जो हिंदी व्याकरण, साहित्यिक शब्दावली और मूलभूत संकल्पनाओं की जाँच करते हैं।
खण्ड ख में विस्तृत व्याख्या वाले प्रश्न (प्रत्येक 6 अंक) होते हैं जो हिंदी साहित्य, काव्य विश्लेषण और गद्य अंशों पर आधारित होते हैं।
खण्ड ग में व्यापक विश्लेषणात्मक प्रश्न (प्रत्येक 15 अंक) होते हैं जो छात्रों के गहन ज्ञान, आलोचनात्मक चिंतन और साहित्यिक विश्लेषण क्षमता की परीक्षा करते हैं।
परीक्षा में हिंदी भाषा के सैद्धांतिक और व्यावहारिक दोनों पहलुओं पर ध्यान दिया जाता है। छात्रों से हिंदी में निबंध लेखन, व्याकरणिक विश्लेषण, काव्य की व्याख्या, साहित्यिक आलोचना और तुलनात्मक अध्ययन की अपेक्षा की जाती है। हिंदी कविता की व्याख्या, गद्यांशों का सारांश और साहित्यिक प्रश्न पत्र के महत्वपूर्ण भाग होते हैं।
मुख्य ध्यान केंद्रित क्षेत्रों में हिंदी साहित्य का इतिहास, आधुनिक हिंदी साहित्य, हिंदी व्याकरण, हिंदी काव्य शास्त्र और हिंदी भाषा विज्ञान शामिल हैं। प्रश्न पत्र छात्रों की भाषाई कुशलता, साहित्यिक समझ और आलोचनात्मक विश्लेषण क्षमता तीनों की जाँच करता है।
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पूर्ण पिछले वर्ष के प्रश्न पत्र, मॉडल उत्तर, और परीक्षा पैटर्न प्राप्त करें
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फाइल साइज: 2.8 MB | प्रारूप: PDF | शामिल हैं: 2015-2023 प्रश्न पत्र + विस्तृत हल + सैंपल उत्तर
📖 पाठ्यक्रम संरचना और विषय विवरण
📋 पाठ्यक्रम अवलोकन
- कार्यक्रम: बी.ए. हिंदी (NON CBCS)
- सेमेस्टर: द्वितीय
- विश्वविद्यालय: जम्मू विश्वविद्यालय
- पाठ्यक्रम कोड: HIN-102 / HIN-202
- कुल अंक: 100 (सिद्धांत: 80, आंतरिक: 20)
- अवधि: 3 घंटे
- प्रकृति: मुख्य भाषा पाठ्यक्रम
📚 इकाईवार पाठ्यक्रम
| इकाई | विषय एवं विषयवस्तु | अंक |
|---|---|---|
| इकाई I | हिंदी व्याकरण और भाषा विज्ञान: संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण, क्रिया, काल, वाच्य, वर्तनी, विराम चिह्न, अनुवाद, हिंदी भाषा का विकास, हिंदी की बोलियाँ | 20 |
| इकाई II | हिंदी काव्य: भक्तिकालीन काव्य (कबीर, सूरदास, तुलसीदास), रीतिकालीन काव्य, आधुनिक काव्य (महादेवी वर्मा, सुमित्रानंदन पंत, निराला), छायावाद, प्रगतिवाद, प्रयोगवाद | 25 |
| इकाई III | हिंदी गद्य साहित्य: निबंध साहित्य (प्रेमचंद, हजारी प्रसाद द्विवेदी), कहानी साहित्य, उपन्यास साहित्य, नाटक साहित्य, आलोचना साहित्य, संस्मरण साहित्य | 25 |
| इकाई IV | हिंदी साहित्य का इतिहास: आदिकाल, भक्तिकाल, रीतिकाल, आधुनिक काल, समकालीन साहित्य, हिंदी साहित्य की प्रमुख विशेषताएँ, साहित्यिक आंदोलन | 10 |
📊 परीक्षा पैटर्न
सिद्धांत पेपर (80 अंक)
- खण्ड क: 10 लघु प्रश्न × 1 अंक = 10
- खण्ड ख: 7 में से 5 प्रश्न × 6 अंक = 30
- खण्ड ग: 6 में से 4 प्रश्न × 10 अंक = 40
आंतरिक मूल्यांकन (20 अंक)
- निबंध/प्रोजेक्ट = 10
- कक्षा परीक्षा = 5
- मौखिक परीक्षा/प्रस्तुति = 5
📝 हिंदी व्याकरण के मुख्य तत्व
व्याकरण के प्रमुख अंग
- शब्द भेद: संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण, क्रिया, अव्यय
- कारक: कर्ता, कर्म, करण, सम्प्रदान, अपादान, संबंध, अधिकरण
- वाच्य: कर्तृवाच्य, कर्मवाच्य, भाववाच्य
- विराम चिह्न: पूर्ण विराम, अल्प विराम, प्रश्न चिह्न, विस्मयादिबोधक
भाषा विज्ञान
- हिंदी की बोलियाँ: खड़ी बोली, ब्रज, अवधि, मैथिली, राजस्थानी
- हिंदी का विकास: अपभ्रंश से आधुनिक हिंदी तक
- राष्ट्रभाषा: हिंदी का संवैधानिक दर्जा
- मानकीकरण: हिंदी वर्तनी और उच्चारण के मानक
महत्वपूर्ण स्मरणीय: वाक्य रचना, शब्द शक्ति, अलंकार, छंद, रस, वर्तनी शुद्धि, अनुवाद कला
📖 हिंदी साहित्य के प्रमुख रचनाकार और उनकी कृतियाँ
भक्तिकालीन कवि
कबीर, सूरदास, तुलसीदास, मीराबाई, जायसी
छायावादी कवि
महादेवी वर्मा, सुमित्रानंदन पंत, जयशंकर प्रसाद, निराला
प्रेमचंद युग
प्रेमचंद, जयशंकर प्रसाद, भगवती चरण वर्मा
समकालीन लेखक
मोहन राकेश, कमलेश्वर, राजेंद्र यादव, मुद्राराक्षस
💡 सुझाव: हिंदी साहित्य का अध्ययन करते समय ऐतिहासिक संदर्भ को समझें। विभिन्न साहित्यिक युगों की विशेषताओं की तुलना करें। व्याकरण के नियमों को उदाहरण सहित याद रखें। निबंध लेखन का नियमित अभ्यास करें। समकालीन हिंदी साहित्य की प्रवृत्तियों से अपडेट रहें। पिछले वर्षों के प्रश्न पत्रों को हल करते समय समय सीमा का ध्यान रखें।
