Jammu University NON CBCS Sanskrit 2nd Semester Previous Year Question Paper

0
जम्मू विश्वविद्यालय NON CBCS संस्कृत द्वितीय सेमेस्टर पिछले वर्ष के प्रश्न पत्र

जम्मू विश्वविद्यालय NON CBCS संस्कृत द्वितीय सेमेस्टर पिछले वर्ष के प्रश्न पत्र

जम्मू विश्वविद्यालय के NON CBCS प्रणाली के अंतर्गत संस्कृत द्वितीय सेमेस्टर में संस्कृत व्याकरण, साहित्य, काव्य और गद्य का गहन अध्ययन कराया जाता है। इस सेमेस्टर में संस्कृत भाषा की मूलभूत संरचना, क्लासिकल ग्रंथों का अध्ययन, और संस्कृत साहित्य के विकास को समझने पर विशेष ध्यान दिया जाता है।

खंड क में 10 लघु उत्तरीय प्रश्न (प्रत्येक 1 अंक) होते हैं जो संस्कृत व्याकरण, शब्द रचना और मूलभूत संकल्पनाओं की जाँच करते हैं।

खंड ख में विस्तृत व्याख्या वाले प्रश्न (प्रत्येक 6 अंक) होते हैं जो संस्कृत साहित्य, काव्य विश्लेषण और गद्य अंशों पर आधारित होते हैं।

खंड ग में व्यापक विश्लेषणात्मक प्रश्न (प्रत्येक 15 अंक) होते हैं जो छात्रों के गहन ज्ञान और विश्लेषण क्षमता की परीक्षा करते हैं।

परीक्षा में संस्कृत भाषा के व्यावहारिक और सैद्धांतिक दोनों पहलुओं पर ध्यान दिया जाता है। छात्रों से संस्कृत में अनुवाद, व्याकरणिक विश्लेषण, काव्य की व्याख्या और साहित्यिक मूल्यांकन की अपेक्षा की जाती है। संस्कृत श्लोकों की व्याख्या, गद्यांशों का सारांश और व्याकरणिक प्रश्न पत्र के महत्वपूर्ण भाग होते हैं।

मुख्य ध्यान केंद्रित क्षेत्रों में संस्कृत व्याकरण (सन्धि, समास, कारक), क्लासिकल संस्कृत साहित्य, संस्कृत काव्य की विशेषताएँ और संस्कृत भाषा का ऐतिहासिक विकास शामिल हैं। प्रश्न पत्र छात्रों की भाषाई कुशलता और साहित्यिक समझ दोनों की जाँच करता है।

📜 संस्कृत द्वितीय सेमेस्टर पिछले वर्ष के प्रश्न पत्र डाउनलोड करें

सम्पूर्ण पिछले वर्ष के प्रश्न पत्र, हल, और परीक्षा पैटर्न प्राप्त करें

⏳ डाउनलोड शुरू होगा: 10 सेकंड में

फाइल साइज: 2.5 MB | प्रारूप: PDF | शामिल हैं: 2015-2023 प्रश्न पत्र + हल + मॉडल उत्तर

📚 पाठ्यक्रम संरचना और विषय विवरण

📋 पाठ्यक्रम अवलोकन

  • कार्यक्रम: बी.ए. संस्कृत (NON CBCS)
  • सेमेस्टर: द्वितीय
  • विश्वविद्यालय: जम्मू विश्वविद्यालय
  • पाठ्यक्रम कोड: SKT-102 / SKT-202
  • कुल अंक: 100 (सिद्धांत: 80, आंतरिक: 20)
  • अवधि: 3 घंटे
  • प्रकृति: मुख्य भाषा पाठ्यक्रम

📖 इकाईवार पाठ्यक्रम

इकाई विषय एवं विषयवस्तु अंक
इकाई I संस्कृत व्याकरण: संधि (स्वर, व्यंजन, विसर्ग), समास (तत्पुरुष, बहुव्रीहि, द्वंद्व, कर्मधारय), कारक (आठों कारकों का प्रयोग), काल (लट्, लृट्, लङ्, लोट्, विधिलिङ्), प्रत्यय (कृत् और तद्धित) 25
इकाई II संस्कृत गद्य साहित्य: हितोपदेश (चुनिंदा कहानियाँ), पञ्चतंत्र (मुख्य कथाएँ), कादम्बरी का परिचय, दशकुमारचरित के अंश, संस्कृत गद्य की विशेषताएँ 20
इकाई III संस्कृत काव्य: रघुवंशम् (प्रथम सर्ग), कुमारसम्भवम् (पंचम सर्ग), कालिदास की काव्यगत विशेषताएँ, महाकाव्य और खंडकाव्य, अलंकार (उपमा, रूपक, उत्प्रेक्षा, अतिशयोक्ति) 20
इकाई IV संस्कृत साहित्य का इतिहास: वैदिक साहित्य, रामायण और महाभारत, शास्त्रीय संस्कृत साहित्य, संस्कृत नाटक (कालिदास, भास, शूद्रक), संस्कृत का ऐतिहासिक विकास 15

📊 परीक्षा पैटर्न

सिद्धांत पेपर (80 अंक)

  • खंड क: 10 लघु प्रश्न × 1 अंक = 10
  • खंड ख: 5 में से 5 प्रश्न × 6 अंक = 30
  • खंड ग: 6 में से 4 प्रश्न × 10 अंक = 40

आंतरिक मूल्यांकन (20 अंक)

  • असाइनमेंट/प्रोजेक्ट = 10
  • कक्षा परीक्षा = 5
  • सेमिनार/प्रस्तुति = 5

📝 संस्कृत व्याकरण के मुख्य नियम

संधि के प्रकार

  • स्वर संधि: दीर्घ, गुण, वृद्धि, यण, अयादि
  • व्यंजन संधि: श्चुत्व, ष्ट्व, ष्टव, अनुनासिक
  • विसर्ग संधि: उत्व, ओत्व, रत्व, लत्व
  • विशेष संधि: पररूप, पूर्वरूप, सवर्णदीर्घ

समास के भेद

  • तत्पुरुष: कर्म, करण, संप्रदान, अपादान, संबंध, अधिकरण
  • बहुव्रीहि: प्रथम, मध्य, अंत
  • द्वंद्व: इतरेतर, समाहार
  • कर्मधारय: विशेषण, उपमान, रूढ़

महत्वपूर्ण स्मरणीय: संधि-विच्छेद, समास-विग्रह, कारक-प्रयोग, धातु-रूप, प्रत्यय-प्रयोग

📜 संस्कृत साहित्य के प्रमुख ग्रंथ और रचनाकार

महाकवि कालिदास

रघुवंशम्, कुमारसम्भवम्, अभिज्ञानशाकुन्तलम्, मेघदूतम्

वैदिक साहित्य

ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद, अथर्ववेद, ब्राह्मण ग्रंथ

गद्य साहित्य

हितोपदेश, पञ्चतंत्र, कादम्बरी, दशकुमारचरित

नाटक साहित्य

भास, शूद्रक, हर्ष, भवभूति की रचनाएँ

📝 संस्कृत व्याकरण के महत्वपूर्ण तत्व

संधि

स्वर, व्यंजन और विसर्ग संधि के नियम एवं उदाहरण

समास

तत्पुरुष, बहुव्रीहि, द्वंद्व, कर्मधारय समास

कारक

आठ कारक, उनके प्रयोग और विभक्तियाँ

धातु रूप

पञ्च लकारों में धातु रूपों का रूपान्तरण

💼 संस्कृत स्नातकों के लिए करियर अवसर

संस्कृत स्नातकों के लिए सरकारी, शैक्षणिक और शोध क्षेत्रों में विविध करियर विकल्प उपलब्ध हैं:

संस्कृत अध्यापक रिसर्च स्कॉलर अनुवादक पुस्तकालयाध्यक्ष सरकारी कर्मचारी संपादक टूरिस्ट गाइड IAS/IPS अधिकारी

💡 सुझाव: संस्कृत व्याकरण के नियमों को समझकर याद करें, रटकर नहीं। प्रतिदिन संस्कृत पठन-पाठन का अभ्यास करें। पिछले वर्षों के प्रश्न पत्रों को हल करते समय समय सीमा का ध्यान रखें। कठिन शब्दों की सूची बनाएँ और उनका नियमित अभ्यास करें। संस्कृत साहित्य के ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य को समझें।

Post a Comment

0Comments
Post a Comment (0)